उत्तराखंड को 1475 करोड़ की 62 विकास योजनाओं की सौगात, अमित शाह और धामी ने किया शिलान्यास व लोकार्पण
देहरादून। उत्तराखंड के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को 1475.31 करोड़ रुपये की 62 विकास योजनाओं की सौगात दी। इन योजनाओं में 1073.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 44 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि 402.20 करोड़ रुपये की 18 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
6 से 13 नवंबर तक आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव के तहत हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से लेकर बिजली, पेयजल, सड़क, शहरी विकास, शिक्षा, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तक की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास को गति मिलेगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ऊर्जा क्षेत्र में यूपीसीएल की 472.33 करोड़ रुपये की लागत वाली 20 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि 77.93 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और बिजली संबंधी आधारभूत ढांचे का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पेयजल निगम की 191.17 करोड़ रुपये की आठ योजनाओं का शिलान्यास और 82.03 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का लोकार्पण किया गया। वहीं, जल संस्थान की 62.30 करोड़ रुपये की दो योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार करना है।
आगामी कुंभ मेला-2027 को देखते हुए हरिद्वार में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शहरी विकास विभाग की 92.25 करोड़ रुपये की चार योजनाओं का शिलान्यास और 10.95 करोड़ रुपये की एक योजना का लोकार्पण किया गया। इनमें सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग की 18.78 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास तथा 99.68 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से सड़क निर्माण और अन्य निर्माण सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वहीं, पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की 43.70 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें टिहरी की डोबरा-चांठी पार्क परियोजना तथा श्री हेमकुण्ड साहिब रोपवे परियोजना के लिए विद्युत आपूर्ति से संबंधित कार्य शामिल हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग की 35.06 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें नई टिहरी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में भवन निर्माण का कार्य भी शामिल है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 19.01 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में पीजी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गृह विभाग की 68.27 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इसके तहत देहरादून में 31.63 करोड़ रुपये की लागत से साइबर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जबकि हल्द्वानी में 36.64 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन के आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से साइबर अपराधों से निपटने की क्षमता और अग्निशमन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डेयरी विकास विभाग की 48.21 करोड़ रुपये की योजना के तहत सितारगंज में मिल्क पाउडर प्लांट, आइसक्रीम प्लांट और बेकरी यूनिट का निर्माण किया जाएगा। इससे दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और डेयरी कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त आवास विभाग की 10.59 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास और 12.48 करोड़ रुपये की एक योजना का लोकार्पण किया गया। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की 11.44 करोड़ रुपये की एक योजना की आधारशिला रखी गई। वहीं, चिकित्सा शिक्षा विभाग की 57.15 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पित की गई इन परियोजनाओं को उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं से जुड़ी इन योजनाओं से प्रदेश के विभिन्न जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी भी विकास योजना की वास्तविक सफलता केवल शिलान्यास और लोकार्पण तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में संबंधित विभागों के सामने इन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने की चुनौती होगी।
विशेष रूप से हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 को देखते हुए सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना बेहद अहम होगा। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार की इन विकास घोषणाओं का लाभ आम जनता को कितनी जल्दी और किस स्तर पर मिल पाता है।




